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SEO Kya Hai? (2021)

इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा की SEO Kya Hai और SEO कैसे करें जिससे की आप अपने ब्लॉग को सर्च इंजन में रैंक करा सकें।

अगर आप गूगल, बिंग या याहू जैसे सर्च इंजन से अपनी या क्लाइंट की वेबसाइट के लिए ट्रैफिक लाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको SEO की जानकारी होनी चाहिए।

इन गाइड में मैं आपको SEO को समझाने की कोशिश करूंगा। मैं आपको SEO क्या है, यह कितने प्रकार का होता है और इसे करने के क्या चरण हैं।

यह गाइड आपको कोई SEO professonal नहीं बनाएगी। बल्कि यह आपको SEO की दुनिया से आपको वाकिब कराएगी।

SEO आप तभी सीखेंगे जब आप इसे करेंगे।

SEO Kya Hai?

seo kya hai

SEO की कई परिभाषाएं हैं। Google, Wikipedia, Moz अपने अनुसार SEO की परिभाषा देते हैं।

मेरे अनुसार

“SEO एक ऐंसी प्रक्रिया जिसमें web page और उसके कंटेंट को इस तरह से optimize किया जाता है की search engine उस page की समझ पाए और search engine से अधिक से अधिक traffic वेब पेज पर लाया जा सके।”

SEO की परिभाषा विकिपीडिया के अनुसार पढ़ें: SEO (Wikipedia)

SEO का पूरा नाम क्या है?

SEO को पूरा मतलब है Search Engine Optimization. हम Search Engine Optimization को दो भागों में बाँट सकते हैं।

एक तो search engine और दूसरा optimization.

1. Search Engine

Search Engine एक tool है जो की internet पर world wide web पर उपस्थित जानकारी को ढूंढने में आपको सहायता करता है।

जैसे की गूगल।

2. Optimization

Optimization का हिंदी अर्थ है अनुकूलन। मतलब किसी चीज को किसी चीज के हिसाब से अनुकूल करना।

मतलब आप अपने website या webpage को search engine के हिसाब से अनुकूल यानि optimize करते हैं। इसी को search engine optimization कहते हैं।

Search Engine क्या है और कैसे कार्य करता है?

SEO किसी भी search engine को ध्यान में रखकर किया जाता है तो इसके लिए यह जानना बहुत जरूरी है की search engine क्या है और यह किस प्रकार कार्य करते हैं।

Search Engine क्या है?

Search Engine एक tool है जो की internet पर world wide web पर उपस्थित जानकारी को ढूंढने में आपको सहायता करता है।

Search Engine एक programme है जो की algorithms की सहायता से इंटरनेट पर web pages को खोजता है।

Google आज के समय का सबसे advance और प्रसिद्ध सर्च इंजन है। Bing, Yahoo, Baidu, Yandex अन्य search engine है जो की अधिक प्रसिद्ध नहीं हैं।

Search engine की कार्य विधि को हम आगे जानेंगे।

Search Engine कैसे कार्य करता है?

search engine kaise kaam karta hai

किसी भी search engine की कार्य विधि बहुत ही जटिल है और जो जिन लोगों को techinical जानकारी की कमी है उनके लिए यह समझना और भी मुश्किल है। मैं आपको आसान शब्दों में समझाने का प्रयास करूंगा।

किसी भी search engine के कार्य करने के तीन चरण होते है जो की हैं

  1. Crawling
  2. Indexing
  3. Ranking

आइये अब हम हर चरण को समझें।

1. Crawling

यह search engine के कार्य करने का पहला चरण है। Crawling में search engine विभिन्न web pages पर जाता है और उन्हें analyze करता है।

Internet पर अरबों pages हैं इसीलिए यह काम इंसान नहीं कर सकते हैं। इसीलिए search engine यह काम crawlers से करवाते हैं।

Crawlers क्या हैं: यह computer scripts होती हैं जो की webpages को access करती हैं उन्हें analyze करती हैं और जरूरी जानकारी की search engine database तक भेजती हैं।

Search Engine केवल उन्हीं pages को crawl करता है जो उसे crawling की permission देते हैं।

जैसे search engine किसी private instagram account की images और अन्य सामग्री को crawl नहीं कर सकता है।

2. Indexing

Crawling के बाद बारी आती है indexing की।

Indexing का अर्थ है crawl किये गए page की जानकारी की search engine के database में स्टोर करना।

यदि web page search engine को crawling और indexing की इजाजत देता है और यदि search engine को लगता है की वह web page किसी के लिए उपयोगी हो सकता है तो वह उस web page को index कर लेता है।

3. Ranking

Crawling और indexing के बाद search engine को web pages के बारे में पता लग चुका है की वह web page किस url पर है और वह किस बारे में है।

अब बात आती है ranking की। Google को हर keyword के लिए pages को rank करना पड़ता है।

Google कई ranking factors, algorithms का इस्तेमाल करके pages को rank करता है।

Google के पास किसी keyword के लिए करोड़ों web pages तक हो सकते हैं लेकिन google किसी भी keyword के लिए चुनिंदा web pages को ही results के रूप में दिखाता है।

SEO और Keyword Research का संबंध

Keyword Research का सीधा संबंध SEO से नहीं है लेकिन बिना keyword research के SEO करना मुश्किल है।

Keyword Research आपको एक दिशा देता है SEO करने के लिए। इसी लिए हम कह सकते हैं की keyword research SEO का ही हिस्सा है।

Keyword Research क्या है?

keyword research kya hai

Keyword Research एक प्रक्रिया जिसका उपयोग करके keywords को ढूँढा जाता है। साथ ही साथ उन keywords से जुड़े जरूरी data का अध्यन किया जाता है।

Keyword उन सवालों और terms को कहा जाता है जिसे user search engine में search करता है।

जैसे कि: who is SRK, how to make cake, bill gates net worth और कुछ भी।

SEO कैसे करें?

SEO के बारे में जानने के बाद यह जानना जरूरी है की SEO कैसे किया जाता है। SEO को आप 4 चरणों में किया जाता है जो की हैं

  1. SEO Basics
  2. Technical SEO
  3. On Page SEO
  4. Off Page SEO

#1. SEO Basics क्या है?

SEO Basics SEO का एक ऐंसा हिस्सा है जो की SEO से सीधा सम्बंधित नहीं है लेकिन यह करना बहुत ही जरूरी है।

इस पोस्ट में मैं आपको SEO Basics की जानकारी दूंगा। मैं आपको बताऊंगा की SEO basics क्या है और SEO basics कैसे करें।

SEO basics करके हम बहुत सी चीजें करते हैं। Basics करके हम बहुत से tools को website पर setup करते हैं जो की हमें तरह तरह का data देते हैं जो की SEO के लिहाज से बहुत जरूरी है।

तो बिना किसी देरी के मैं आपको बताता हूँ की आप SEO Basics किस प्रकार कर सकते हैं।

1. Google Search Console सेटअप करें

google search console dashboard screenshot

Google Search Console एक बहुत ही उपयोगी SEO टूल है। यह tool आपको यह बताता है की आपकी website, google में कैसा perform कर रही है।

यह आपको यह बताता है की आपकी website पर किस keyword से किस page पर traffic आ रहा है। Google Search Console आपको traffic से जुड़ा अन्य data भी आपको देता है।

इसके साथ ही आप google search console की मदद से यह पता लगा सकते हैं की आपकी website में कौनसी समस्याएं हैं।

कई बार website में performance, indexing और crawling issue होते हैं जिनका पता आप google search console से लगा सकते हैं।

Google Search Console की मदद से आप अपनी website के pages को manually index भी करा सकते हैं। इसके अलावा आपको बहुत से tool इसमें मिलते हैं।

Google की गाइडलाइन्स न follow करने वाली sites को google penalties देता है। यदि आपको website को कोई penalty मिलती है तो इसका पता google search console से लगता है।

2. Google Analytics सेटअप करें

google analytics home screen

Google Analytics एक traffic analysis tool है।

Google Search Console जहाँ आपको केवल google से आने वाले traffic की जानकारी देता है वही google analytics आपको direct, social, referral, ad और orgnic traffic की जानकारी भी देता है।

Google Analytics आपको तरह तरह के sources से आने वाले traffic के व्यवहार और लोकेशन के बारे में बताता है।

साथ ही साथ google analytics आपको live data भी देता है जो की आपको बताता है की इस समय आपकी website पर कितने users live हैं और इनकी loccation क्या है।

3. Bing Webmaster Tool सेटअप करें

bing webmaster tool home screen

Bing Webmaster Tool बिलकुल google search console की तरह ही है।

फर्क बस इतना है की google search console आपको google search engine से जुडी जानकारी और tools देता है वही bing webmaster tool आपको bing search engine से जुडी जानकारी और tool देता है।

भले ही bing पॉपुलर न हो और website को bing से कोई भी traffic न आता हो फिर भी यह करना जरूरी है क्योंकि इसमें आपको अन्य tool मिलते हैं जो आपको google search console में नहीं मिलते।

4. SEO Plugin सेटअप करें

wordpress add plugins screenshot

WordPress users को एक बहुत बड़ा फायदा होता है SEO plugin का।

SEO plugin एक ऐंसा tool होता है जो की आपको बहुत सी SEO setting का access देता जो की आप normally WordPress में नहीं कर सकते हैं।

इसकी मदद से आप meta setting को कर सकते हैं। आप sitemap बना सकते हैं और उसकी settings को कर सकते हैं। आप redirection setup कर सकते हैं।

SEO plugin आपको SEO assistance भी देता है। आप जब भी कोई post बनाते हैं तो SEO plugin आपको SEO suggestions देता है।

जो किसी नए व्यक्ति के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है।

इसके अलावा SEO plugin आपको बहुत से features देता है।

SEO plugin में yoast सबसे प्रसिद्ध है लेकिन आप rank math और all in one seo का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

#2. Technical SEO क्या है और कैसे करें?

Technical SEO, SEO का बहुत जरूरी हिस्सा है। इसमें आप अपनी website को आधुनिक technology के हिसाब से तैयार करते हैं।

Technical SEO का मतलब है आपकी website को crawling, indexing, security, delivery और design के हिसाब से optimize करना।

Crawling, indexing, security, delivery और design के हिसाब से optimize करने के लिए आपको कई चीजें करनी होंगी। यदि कोई भी चीज नहीं होती है तो इसका बुरा प्रभाव देखने को मिलेगा।

आप कितना भी अच्छा on page seo करें और off page seo करें लेकिन यदि आप technical seo में गड़बड़ करते हैं तो web page का rank होना तो दूर की बात है आपका web page index भी नहीं होगा।

तो technical seo करने के लिए आपको यह चीजें करनी होंगी।

1. वेबसाइट crawlable और indexable हो

Website का crawlable aur indexable होना बहुत ही जरूरी है। यदि आपकी site में कोई चीज search engine के crawler को crawl और index करने से रोकती है तो page का rank होना तो दूर की बात है वह google में show तक नहीं होगा।

Site में बहुत सी चीजें है जो की crawler को ब्लॉक कर सकती हैं जैसे की robots.txt और robots meta tags.

Robots.txt और robots meta tags किसी भी search engine को यह बताते हैं को यह बताते हैं को page को या website को index करना है या नहीं।

यदि आप इसमें कोई गड़बड़ कर देते हैं तो आपकी website और उसके pages index नहीं होंगे।

2. Website navigation और structure

Cralwer एक web bot होता है जो की links को follow करते हुए आगे बढ़ता है। जो website जिसमें navigation आसान हो, crawler उसे ज्यादा अच्छी तरह से crawl कर पायेगा।

Website का एक अच्छा structure बनाना मुश्किल नहीं है लेकिन यदि आपकी website के pages पहले से ही अव्यवस्थित है तो यह परेशानी की बात हो सकती है।

ऐंसी website जिंसमे home page से sub pages/topic pages लिंक हों और उनसे article pages link हों।

इसे हम अच्छा structure कहेंगे। Silo structure एक अच्छा site structure है।

3. SSL certificate इस्तेमाल करें

https

SSL certificate website में https को enable करता है। मतलब यदि आपकी website में http है तो https में हो जाएगी।

HTTP का अर्थ है hypertext transfer protocol होता है। और HTTPS भी वही है जहाँ s का मतलब secure है।

HTTPS वेबसाइट की security और privacy जैसी चीजों को बढाती है।

कोई भी website जो http का इस्तेमाल करती है वह browser में not secrue के साथ दिखाई देती है। इससे visitor पर बुरा impact पड़ता है और इस बात की भी संभावना बढ़ जाती है की वह page quit कर दे।

यदि आपका hosting provider आपको SSL नहीं देता है तो आप cloudflare के free ssl का इस्तेमाल करके अपनी website को http से https पर मूव कर सकते हैं।

4. वेबसाइट की स्पीड बढ़ाये

website ki speed badhaye

एक fast website के बहुत से फायदे होते हैं। एक fast website आपको seo में तो फायदा देती है साथ ही साथ है आपकी website की कमाई को भी बढ़ाती है।

ऐंसी वेबसाइट जो की धीमी है और जिसकी files की delivery optimized नहीं है उसकी core web vitals की रिपोर्ट बिगड़ती है, bounce back बढ़ता है और अन्य direct और indirect नुक्सान होते हैं।

यदि आप चाहते हैं की आपकी website तेज हो तो आप fast hosting, CDN (जैसे cloudflare), cache plugin का इस्तेमाल करें।

साथ ही साथ आप html, css और ख़ास कर javascript के optimization को करें और इनकी delivery को भी optimize करें।

अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: वेबसाइट की स्पीड कैसे बढ़ाएं?

Image किसी भी webpage का सबसे बड़ा पार्ट होती हैं। जरूरी है की आप इनका file size और aspect ratio कम रखें।

5. वेबसाइट का XML sitemap हो

xml sitemap

Sitemap एक file होती है जिसमें website के pages के address की list होती है।

Sitemap मुख्य रूप से दो भाषाओं में होते हैं html और xml. Search Engine के लिए xml sitemap होता है।

जब search engine, sitemap को पढता है तो search engine को website पर उपस्थित pages, images, videos और अन्य सामग्री की जानकारी लगती है।

Sitemap के होने से crawler को आपकी website के pages की list मिल जाती है जिससे उसके लिए crawling और indexing आसान हो जाती है।

6. Broken links को fix करें

404 error

Broken links वेबसाइट को कई तरह से नुक्सान पहुँचाती हैं। इससे SEO ख़राब होता है, backlinks का ज्यादा फायदा नहीं होता है और user का experience भी ख़राब होता है।

किसी भी web page पर दो तरह की links होती है इंटरनल लिंक्स और एक्सटर्नल लिंक्स।

यदि कोई भी link 404 error देती है तो वह broken link होती है। और 404 error उस url पर आता है जो की मौजूद नहीं होता है।

कई बार page का url बदल देते हैं, page delete कर देते हैं, या हम link लगते समय url ही गलत लिख देते हैं तो इस स्थिति में वह link broken link हो सकती है।

इन्हें fix करना बहुत जरूरी है।

आप किसी भी broken link checker टूल से broken links का पता लगा सकते हैं।

7. SEO friendly url structure का इस्तेमाल करें’

permalink structure

कई तरह के url structure होते हैं जिसमें तारीख, लेखक का नाम, पोस्ट टाइटल, पोस्ट ID, केटेगरी, और अन्य चीजें हो सकती है।

जरूरी नहीं है की जिस permalink में ये हों वह बुरी हो।

वेबसाइट के प्रकार, आकार, structure और अन्य चीजों के हिसाब से permalink का structure चुना जाता है।

Post name permalink structure जो केवल post के नाम से बना होता हैं वह सबसे अच्छा माना जाता है।

यदि आपको url की ज्यादा समझ नहीं है तो आप post name permalink structure का इस्तेमाल करें।

#3. On Page SEO क्या है और कैसे करें?

On-Page SEO जिसे on site seo के नाम से भी जाना जाता है उसमें किसी पेज विशेष के कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ किया जाता है।

On-Page SEO में हम किसी विशेष पेज को टारगेट करते हैं। यहाँ किये गए SEO का प्रभाव वेबसाइट के अन्य page पर नहीं पड़ता है।

On-Page SEO करने के लिए आपको यह करना होगा।

1. Optimize Title Tag

Title Tag किसी भी page का बहुत जरूरी हिस्सा होता है।

Title ही किसी भी search engine result में दिखाई देता है। यह बहुत जरूरी है की आप title को सही से चुनें।

सलाह यह दी जाती है की आप title tag में अपने फोकस keyword को इस्तेमाल करें। साथ ही कुछ powerful word जैसे की best, top, recommended आदि को इस्तेमाल करके आप CTR भी बढ़ा सकते हैं।

2. Optimize Description Tag

Description tag में web page के बारे में बताना होता है। कुछ ही शब्दों (160 शब्द) के इस्तेमाल से web page का introduction देना होता है।

अच्छी description लिखने के लिए कई फैक्टर्स होते हैं जैसे की attractive, keyword की स्थिति, powerful words आदि।

3. Quality Content लिखें

जरूरी नहीं है की हर content quality content हो।

ऐंसा content जो अनोखा हो, सर्च इंटेंट के हिसाब से ऑप्टिमाइज़ हो, जिसमें व्याकरण संबंधी समस्याएं न हों वह quality content होगा।

साथ ही साथ images और videos content की quality को और भी बढ़ा देते हैं।

कुल मिला के ऐंसा content जो पढ़ने वाले को पसंद आये।

अधिक पढ़ें: SEO फ्रेंडली आर्टिकल कैसे लिखें

4. Resources को लिंक करें

कई topic बहुत ही बड़े होते हैं जिनको एक post में समझाना बहुत ही मुश्किल काम है।

ऐंसे में हम अन्य resource को अपने page से लिंक करके हमारे कंटेंट को विस्तार देते हैं। जैसे की outbound link देना, videos की link देना, किसी research का सन्दर्भ देना आदि।

5. Internal Linking करें

internal linking

यदि किसी website के page की लिंक उसी वेबसाइट के किसी अन्य पेज पर हो तो वह इंटरनल लिंक कहलाती है।

Internal लिंक्स बहुत ही जरूरी होती हैं यह crawlability को बढ़ाती हैं और backlinks के फायदे को अन्य pages तक पहुँचाती हैं।

आप अपने web pages को link करके उन्हें resources की तरह उपयोग कर सकते हैं।

7. Image SEO करें

Image SEO

यदि web page में बहुत सी images हैं और उन images का SEO नहीं किया गया है तो यह on page seo के लिए बहुत बुरा हो सकता है।

Image SEO के अंदर आपको यह चीजें करनी हैं

  • सही image फॉर्मेट चुनें जैसे की png, jpg, webp, gif, svg.
  • Images को alt text दें
  • Images को सही file name दें
  • Images के aspect ratio को वेब पेज के के layout के हिसाब से ऑप्टिमाइज़ करें
  • Images के file size को compress करें

8. SEO friendly url का इस्तेमाल करें

example of seo friendly url structure

URL आपके page का पता होता है जिससे की कोई आपके उस पेज तक पहुँच सकता है। आपके page का url जितना clean होगा उतना अच्छा है।

आम सलाह यही है की आप url में अपने foucs keyword का इस्तेमाल करें जो की सही भी है।

आप छोटे और आसान url का इस्तेमाल करें।

यदि url में कोई भी random शब्द, नंबर, मार्क हो तो वह url seo friendly नहीं होगा।

#4. Off Page SEO क्या है और कैसे करें?

Off-Page SEO किसी भी वेबसाइट के लिए बहुत ही जरूरी होता है और यदि वेब पेज ऐंसे कीवर्ड रैंक करना चाहता है जहाँ प्रतियोगिता बहुत ज्यादा है तो ऐंसे में off page-seo बहुत कारगर होता है।

Off-Page SEO का मतलब उन कार्यों से है जो की किसी वेब पेज के लिए किसी अन्य web page पर किया जाए। मुख्य रूप से off-page seo का मतलब link building से है।

Off-Page SEO करने के लिए आपको यह काम करने होंगे

1. Link Building

Backlinks

Link Building मतलब backlink बनाना off-page seo का सबसे जरूरी हिस्सा है।

जब किसी web page की link किसी अन्य वेबसाइट के वेबपेज होती है तो उसे backlink कहते हैं। Backlink बनाना आसान नहीं है।

Backlink को बनाने के कई तरीके हैं जैसे की

  1. आप किसी वेबसाइट के ऑथर से लिंक मांग सकते हैं।
  2. आप एक webpage बनाकर और उस पर quality content लिख कर खुद को लिंक दे सकते है।
  3. आप backlink को exchange कर सकते हैं। (गलत तरीके से करने पर SEO को नुकसान हो सकता है)
  4. आप गेस्ट पोस्ट कर सकते हैं।

बैकलिंक के बारे में अधिक जानने के लिए पढ़ें: बैकलिंक क्या है?

2. Social Media Promotion

social media promotion

Social media promotion में आप off-page seo तो करते ही हैं साथ ही यह web page पर visitors को ला सकते हैं।

Social media marketing के लिए web page को facebook page और twitter आदि platforms पर प्रमोट किया जाता है। इसमें आप चाहें तो ad campaign भी चला सकते हैं।

Social Media Promotion के बारे में अधिक जानने के लिए पढ़े: डिजिटल मार्केटिंग क्या है?

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