(2021) SEO क्या है और SEO कैसे करें?

क्या आप जानना चाहते है कि SEO क्या है और ब्लॉग के SEO कैसे करें? तो आज मैं आपसे SEO क्या है और SEO कैसे करते हैं यह इस पोस्ट में बताऊंगा। 

बहुत से लोगों ने SEO का नाम तो जरूर सुना होता है लेकिन वह यह नहीं जानते है कि SEO क्या है।

लोग Blogging करना तो शुरू कर देते है लेकिन SEO का पता ही नहीं होता है। हाँ आपको Blogging की शरुआत में SEO पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है लेकिन Blogging की शरुआत से ही SEO के बारे में सीखना जरूरी है।

जिससे जब भी आप अच्छी तरह से Blogging करें तो आपको SEO की पूरी जानकारी हो।

SEO ब्लॉगिंग एक महत्वपूर्ण भाग है। Blogging में आपको शरू से लेकर अंत तक आपको SEO की जरूरत होती है। SEO अब पहले की तरह नहीं है। 

पहले SEO इतना मायने नहीं रखता था क्यूंकि Blogging में इतने Blogs नहीं थे। इससे होता यह था कि Google के पास लोगों को देने के लिए कम कंटेंट होता था और उसे मजबूरन कंटेंट के SEO फ्रेंडली न होते हुए भी उसे रैंक करना पड़ता था। 

लेकिन अब ऐंसा नहीं है। अब Google के पास दिखाने के लिए बहुत ही ज्यादा कंटेंट है। इसलिए सारे लोग Google के पहले  पेज पर आने  के लिए SEO का सहारा लेते है। 

यहाँ पर Google में एक अच्छे कीवर्ड पर रैंक करने का मतलब है कि एक बड़े अमाउंट में ट्रैफिक और यदि किसी के ब्लॉग पर ट्रैफिक आने लगता है तो उसकी कमाई भी  बहुत ही ज्यादा होती है। 

SEO क्या है?

seo kya hai

SEO क्या है? – किसी वेबसाइट को सर्च इंजन के लिए ऑप्टिमाइज़ करना। SEO करके हम वेबसाइट और उसके pages को इस तरह से ऑप्टिमाइज़ करते हैं कि वह पेज तय कीवर्ड पर सर्च इंजन में रैंक करे।

Google दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है।

Google के अलावा भी कई सर्च इंजन है।

जैसे कि

  1. Bing
  2. Yahoo
  3. YouTube
  4. Yandex
  5. DuckDuckGo
  6. Baidu

SEO क्यों करते हैं?

SEO की जरूरत हमें इसलिए होती है कि क्यूंकि हम Blogging कर रहे होते है या कोई साइट रन कर रहे होते है। लेकिन यहाँ पर Blog या Website बना लेने से कुछ नहीं होता है। 

उस blog या site पर ट्रैफिक भी आना चाहिए और Blog या site पर ट्रैफिक लाने के कई तरीके होते हैं सर्च इंजन, सोशल मीडिया, Advertisement या ईमेल लेकिन यहाँ पर जो सबसे आसान और अच्छा तरीका है वह है सर्च इंजन। 

SEO का उपयोग करके हम अपने ब्लॉग को गूगल या अन्य सर्च इंजन में रैंक करते है और अपने Blog या Site पर ट्रैफिक ला सकते है। अपने ब्लॉग से पैसे कमाने के लिए सबसे जरूरी है कि आपकी site या आपके Blog पर ट्रैफिक हो। 

SEO काम कैसे करता है?

यहाँ पर पहले Google काम करता है और वह यह डिसाइड करता है तो उसे किस वेबसाइट या ब्लॉग को किस कीवर्ड पर कहाँ पर दिखाना है। 

यह डिसाइड करने के लिए गूगल कुछ Algorithm का सहारा मिलता है। हम Google के इन्हीं Algorithm को फॉलो करके अपने ब्लॉग या वेबसाइट का SEO करते हैं। 

यदि कोई ब्लॉग किसी कीवर्ड को टार्गेटेड हो और वह Google Algorithm को अच्छी तरह से फॉलो करता है मतलब कि अच्छी तरह से SEO करता है तो Google उसे रैंक करता है। 

Google किसी ब्लॉग या साइट को रैंक करते वक़्त Comparison करता है एक ब्लॉग का दुसरे ब्लॉग के बीच और जिस Blog का SEO अच्छा होता है वह रैंक कर जाता है। 

अब जब किसी का ब्लॉग रैंक कर जाता है तो Google User Activity को मॉनीटर करता है।

वह यह देखता है कि उस साइट पर जाने वाला User कितने समय तक रुकता है और उस ब्लॉग की अन्य कितनी पोस्टों को पढता है।

यदि यूजर उस ब्लॉग पर ज्यादा समय तक नहीं रुकता है और बैक करके गूगल में आता है तो इसको बाउंस बैक कहते है। 

यदि बाउंस बैक ज्यादा हो जाता है तो अच्छा SEO होने के बादजूद आपका ब्लॉग रैंक नहीं होगा। यदि आपके ब्लॉग का बाउंस रेट बहुत ही कम होगा तो आपका ब्लॉग जल्दी रैंक करेगा। 

बाउंस बैक होने का सबसे बड़ा कारण है कि आपका ब्लॉग का कंटेंट अच्छा नहीं है और आपके ब्लॉग का यूजर इंटरफेस बिलकुल भी फ्रेंडली नहीं है।

SEO के प्रकार कितने हैं?

SEO मुख्य रूप से 3 प्रकार का होता है और इसके अलावा आपको और कहीं समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं है।

SEO Ke Prakar

इनको मैंने अपने हिसाब से बांटा है जिससे कि आपको समझने में परेशानी न हो।

1. Technical SEO

लोग confuse हो जाते हैं और उन्हें लगता है कि On Page SEO, और Technical SEO एक ही है लेकिन इनमें अंतर है।

Technical SEO आपकी साइट पर तो होता है लेकिन थोड़े टेक्निकल रूप से। इससे आपकी पूरी साइट और पूरे पेज effect होते हैं।

वह SEO जो कि आपकी पूरी site पर किया जाता है मतलब जो SEO Content (यानि ages या Blog Post के) पर नहीं किया जाता है और न जिसमें content affect होता है Technical SEO कहलाता है।

Technical SEO किसी particular page को effect करने की बजाये आपके पूरे blog और पूरे pages affect करता है।

इसमें XML Sitemap सबमिट करना, Robots.txt सेटिंग करना, SSL Certificate (https) लगाना, Permalink Structure, Mobile Responsiveness, आदि काम आते हैं।

Blogging की जानकारी के लिए यह पोस्ट भी पढ़ें: 

2. On-Page SEO

On-Page SEO का मतलब होता है कि वह SEO जिसमें आपकी सिर्फ आपके साइट या ब्लॉग का उपयोग होता है मतलब जो भी होगा वह सिर्फ आपकी साइट पर होगा। 

इसमें आपको किसी अन्य साइट की जरूरत नहीं होती है।

इसमें आप अपनी website की किसी specific page का या उसके content का SEO करते हैं।

आप बाद में जरूरत आने पर On-Page SEO Blog या Blog Post को एडिट करके ठीक तरह से कर सकते है।

Blogging की जानकारी के लिए यह post पढ़ें

3. Off-Page SEO

इसका काम शरू होता है आपकी साइट को लांच करने के बाद या आपकी Blog Post को पब्लिश करने के बाद और इसके गूगल में इंडेक्स हो जाने के बाद। 

इसमें आपको अपने ब्लॉग या पोस्ट पर कोई काम नहीं करना होता है। आपको इसमें बस आपके ब्लॉग या पोस्ट के Url की जरूरत होती है। 

यदि आपकी पोस्ट या साइट google में index नहीं हो रही ही तो यह करना बहुत फायदेमंद हो सकता है।

SEO कैसे करें

अगर आप परफेक्ट तरीके के SEO करना चाहते हैं तो आपको तीनों प्रकार से SEO करना होगा।

SEO Basics करें

लेकिन इससे पहले आपको SEO के कुछ basic काम करने होंगे जो कि यह हैं।

1. Setup Google Search Console

यह technical SEO का part नहीं है लेकिन यह बहुत जरूरी है कि आप अपनी site को google search console में submit करें।

Google Search Console एक ऐंसा टूल है जिसकी मदद से आप अपने ब्लॉग को गूगल से जोड़े सकते है और अपने ब्लॉग के आर्टिकल्स को गूगल में इंडेक्स करा सकते हैं।

Google Search Console आपको वेबसाइट की गूगल में performance दिखाता है।

Google Search Console Performance

मैंने आपको इसे technical SEO में इसलिए बताया है क्योंकि इसमें आप technical SEO में आने वाली परेशानी को monitar कर सकते हैं।

इसके अलावा इसकी मदद से आप अपने ब्लॉग को मैनेज कर सकते है। आप Google से आने वाले ट्रैफिक को और अपने आर्टिकल्स की रैंकिंग को चेक कर सकते हैं।

आप अपनी site को bing webmaster tool में जरूर submit करें।

2. Connect Google Analytics

Google analytics किसी भी website के लिए एक जरूरी tool है। यह आपके blog पर visitor की activity को track करता है और आपको जरूरी data देता है।

आपकी वेबसाइट पर ट्रैफिक कितना आ रहा है, कहाँ से आ रहा है, कितना लाइव यूजर आपकी साइट पर आ रहा है और अन्य चीजें गूगल एनालिटिक्स आपको यह बताता है।

3. Install SEO Plugin

यह wordpress users के लिए है। अगर आपने wordpress पर अपना blog बनाया है तो जरूरी है कि आप किसी न किसी SEO plugin का इस्तेमाल जरूर करें।

Yoast SEO Plugin और Rankmath सबसे अच्छे SEO plugins हैं।

यह plugins आपके blog के SEO में मदद करते हैं और आपको बहुत सी settings और features देते हैं।

साथ ही साथ यह plugins content लिखते समय content optimization में मदद करते हैं।

Technical SEO कैसे करें

SEO की शरुआत तो तब ही शुरू ही जाती है जब आप अपने ब्लॉग बना रहे होते है तो आप अपने ब्लॉग को इन चीजों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन करें।

1. Fix Broken Links

Broken Links तब बनती है जब आपके blog पर कोई 404 लिंक यानि कि उस link का पर कोई page न हो।

इस तरह की links को आपको ढूंढ ढूंढ कर fix करना बहुत जरूरी होता है।

आप इसके लिए broken link checker का इस्तेमाल कर सकते हैं या आप अपनी WordPress site में Broken Link Checker Plugin का इस्तेमाल कर सकते हैं।

2. Optimize Website For Good Page Speed

gtmetrix report

Page Speed SEO को बहुत अधिक affect करती है। इसलिए आप इसे जितना कम हो सके उतना कम करें।

किसी भी site का load time दो चीजों पर सबसे अधिक निर्भर करता है पहला आपकी hosting और दूसरी आपकी theme.

इसीलिए आप अच्छी hosting (जैसे कि hostinger, और siteground) और अच्छी theme (जैसे कि astra और generatepress) का इस्तेमाल करें।

साथ ही साथ एक CDN (content delivery network) और Cache Plugin इस्तेमाल करके आप अपने site की speed बढ़ा सकते हैं।

आप अपने site की speed को test करने के लिए pingdom या gtmetrix का इस्तेमाल करें।

3. Optimize Robots.txt

अगर आप अपने domain के पीछे /robots.txt (example:domainname.com/robots.txt) सर्च करेंगे तो आपको आपके domain का Robots.txt दिख जायेगा।

इसका काम है कि आपके blog या site पर crawler की activity को कंट्रोल करना। इससे आप अपने ब्लॉग को google में index करा सकते हैं या इंडेक्स होने से रोक सकते हैं।

इससे आप यह चुन सकते हैं कि आप अपनी website का क्या index करने चाहते हैं और क्या नहीं।

अगर आप अपने blog के robots.txt में गड़बड़ी करते हैं तो आपका blog या pages गूगल या दूसरे search engine में index नहीं होगा।

4. HTTPS इस्तेमाल करें

Domain दो तरह के protocol के साथ काम करते हैं एक HTTP के साथ और दूसरा HTTPS के साथ। Google ने साफ़ कहा है कि वह HTTPS वाले domain को अच्छी रैंकिंग देगा।

HTTP और HTTPS का Full Form

  • HTTP – Hypertext Transfer Protocol
  • Hypertext Transfer Protocol Secure

कोई भी browser https न होने पर आपकी site को not secure warning के साथ दिखाता है।

आप SSL certificate इनस्टॉल करके HTTPS का उपयोग कर सकते हैं। जिससे कि आपकी साइट अधिक secure हो जाती है। यह free भी मिलता है या आप इसे खरीद सकते हैं।

5. Mobile Friendliness को बढ़ाएं

Mobile Friendliness होना आपके ब्लॉग को रैंक कराने के लिए सबसे जरूरी है। इसका कारण यह है कि आज के वक्त में ज्यादातर लोगों के पास मोबाइल है और ज्यादातर searches mobile से ही होती हैं।

Google desktop friendliness से ज्यादा mobile friendliness पर ध्यान देता है।

Mobile में content show करने के लिए कम जगह होती है इसलिए mobile view में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए आप अपनी site को मोबाइल में open करें और खुद analys करें।

आप इसके लिए Google Search Console के Mobile-Friendly Test का सहारा ले सकते हैं।  

इससे आपको पता चल जायेगा कि आपकी site Mobile Friendliness है या नहीं।  

6. Sitemap Optimize करें

SEO करने का एक जरूरी काम है कि XML Sitemap Optimization.

यह एक XML File होती है जो कि आपकी website के pages की एक list होती है। अन्य तरह का भी होता है।

अगर आपकी site WordPress पर है तो आप Yoast SEO Plugin या rankmath की मदद से यह काम कर सकते हैं। आप manual भी यह काम कर सकते हैं।

7. SEO Friendly Url Structure इस्तेमाल करें

यहाँ कई तरह के url structure होते हैं। लेकिन सबसे अच्छा है कि आप simple post name इस्तेमाल करें।

WordPress में आपको कई url structure के option मिल जाते हैं। लेकिन आप blogger पर उसके default url structure को change कर सकते हैं।

On-Page SEO कैसे करें

On Page SEO तब करते हैं जब आप किसी keyword पर अपनी किसी Specific post या page को रैंक कराना चाह रहे हों।

जैसा कि आपको मैं बता चुका हूँ कि On-Page SEO क्या है। अब हम बात करेंगे कि On-Page SEO कैसे करेंगे। मैं आपको On-Page SEO से जुडी सारी बातें बताऊंगा जिसे कि आपको On-Page SEO करते वक़्त ध्यान रखना होगा। 

1. Make Good Title, Permalink And Meta Description

Title: एक अच्छा title वही है जिसमें कि आपका focus keyword हो और वह आपके CTR को improve करे।

Permalink: इसी तरह आपको permalink में सिर्फ अपने focus keyword को लिखना है। आप अपनी permalink में किसी तरह की date न लिखें।

permalink

और इसके साथ ही आप किसी ऐंसी चीज न लिखें जो कि आप बाद में post में बदल दें।

और इसी तरह आपको एक अच्छी meta description लिखनी है जिसमें कि आपका focus keyword हो।

Meta Description: अगर google को meta description आपके page से नहीं मिलती है तो वह उस paragraph को description को तौर पर दिखाता है जिसमें कि उसे सबसे पहले आपका focus keyword मिले।

आप अपनी post के content में 100 words के अंदर ही अपने keyword का इस्तेमाल करें।

2. SEO Friendly और Quality Content लिखें 

आप क्वालिटी कंटेंट लिखें क्योंकि यह SEO का सबसे महवपूर्ण कार्य है। यदि यह अच्छा नहीं होगा तो आप कितना भी SEO कर लें आप रैंक नहीं कर सकते हैं। 

यदि आप किसी इनसे कीवर्ड पर काम कर रहे है जिस कीवर्ड पर रैंक कर रहे ब्लॉग का कंटेंट कम है और लौ क्वालिटी का है तो आप उससे अच्छा कंटेंट लिखें। आप आसानी से रैंक कर जायेंगे।

यदि आप ऐंसे कीवर्ड पर काम कर रहें जिस पर रैंक कर रहे ब्लॉग का कंटेंट हाई क्वालिटी है तो आप उस ब्लॉग से लम्बा आर्टिकल लिखें और अच्छा लिखें। इस मामले में आप सिर्फ कंटेंट के आधार पर रैंक नहीं कर पाएंगे।

Quality Content वाली पोस्ट के लिए इस तरह से आर्टिकल लिखें

  1. सबसे पहले आर्टिकल को कहीं से भी कॉपी न करें
  2. Images, Screenshots और Video इस्तेमाल करें
  3. Internal Linking करें
  4. कम से कम एक Outbound Link दें
  5. Image को Optimize करें
  6. आगे पढ़ें: SEO Friendly Article Kaise Likhe

3. Optimize Images

optimize images

आप इमेजेज का इस्तेमाल करते वक्त इमेज में title और alt text जरूर लिखें। आप इससे crawler को बताते हैं कि वह image किस चीज की है।

आप image को upload करने से पहले उसका file का name भी उसका alt text रखें।

आप इसमें अपनी इमेज की जानकारी आप इसमें अपने कीवर्ड को या इमेज किस चीज की है इसकी जानकारी लिखनी है।

आप image को upload करने से पहले उसका size जरूर optimize कर लें। इसके लिए आप tinypng का इस्तेमाल कर सकते हैं।

4. Internal Linking करें

internal linking

आप पोस्ट में थोड़ी थोड़ी दूरी पर अपने ब्लॉग के ही दुसरे आर्टिकल्स को लिंक करें। आप उन्हें इस तरह से लिंक करें कि जिससे लोग उस पर क्लिक करें। 

जैसा कि आपका कीवर्ड है Earn Money Online तो इसमें पैसा कमाने का एक अच्छा तरीका है Freelancing तो यदि आपने एक आर्टिकल इस टॉपिक पर लिखा है तो आप इस आर्टिकल की लिंक वहीं दे दें। इससे आपका एक विजिटर आप एक से ज्यादा पेज व्यूज देकर जायेगा। 

Google इस तरह के आर्टिकल को जल्दी रैंक करता है क्योंकि इस तरह किसी भी विजिटर के लिए आपके ब्लॉग पर कम्यूनिकेट करना आसान हो जाता है और Google यहीं चाहता है कि विजिटर को आसानी हो। 

5. Fix Multiple H1 Tags

अगर आपके page पर एक से अधिक H1 tags हैं तो आपको यह fix करने की जरूरत है।

Blogger और WordPress में default रूप से title tag ही H1 tag के रूप में होता है।

आप कभी भी post लिखते समय उसमें H1 tag न जोड़ें।

6. Fix Keyword Cannibalization

जब google में किसी एक keyword पर किसी blog के दो या अधिक अलग pages rank करते हैं तो वह keyword cannibalization कहलाता है।

बहुत से SEO expert इसे बुरा मानते हैं।

आप कभी भी एक ही topic पर दो post न लिखें।

अगर आपको keyword cannibalization की समस्या आ रही है तो आप उसे 301 redirect या canonical tag लगाकर fix कर सकते हैं।

Off-Page SEO कैसे करें

आपको यह तो मैं बता चूका हूँ कि Off-Page SEO क्या है। यह काम अन्य साइट्स की सहायता से किया जाता है। तो इस चीजों को फॉलो करके आप Off-Page SEO कर सकते हैं। 

Link building करें

आज के वक्त में SEO के अंदर लिंक्स की जरूरत बहुत कम है। SEO में 90 परसेंट On Page SEO ही मैटर  करता है।

लेकिन यदि दो ब्लॉग एक जैसा ही On Page SEO करते है तो कौन रैंक करेगा। 

इस स्थिति में लिंक्स से तय होता है कि कौन ऊपर रैंक करेगा। इसके अलावा लिंक्स आप ब्लॉग और ब्लॉग पोस्ट को इंडेक्स करने में भी मदद करता है।

बैकलिंक्स का मतलब है कि आपके ब्लॉग या पोस्ट की लिंक अन्य साइट्स पर होना। 

जैसे कि यदि आप पोस्ट लिखते वक्त किसी अन्य ब्लॉग की लिंक देते हैं तो उस ब्लॉग को एक बैकलिंक मिलेगी।

Backlink Kya Hai

बैकलिंक्स दो प्रकार की होती है।

Dofollow Backlink – यह Page के HTML Source में ऐंसी दिखती है 

 <a href=”https://www.howtoall.in”>How To All</a>

लिंक बिल्डिंग का मतलब Dofollow Backlink बनाना ही होता है क्योंकि इससे ही आपके ब्लॉग को फायदा होता है।

Nofollow Backlink – यह Page के HTML Source में ऐंसी दिखती है   

 <a href=”https://www.howtoall.in” rel=”nofollow”>How To All</a>

इस तरह की लिंक्स बनाने से आपके ब्लॉग को ज्यादा फायदा नहीं होगा।   

लिंक बिल्डिंग Off Page SEO का सबसे महत्वपूर्ण काम है। 

बैकलिंक वह ही काम करती है मतलब आपको फायदा वही देती है जो कि अच्छी साइट पर हो और वह एक्टिव हो।

इसके अलावा यदि कोई उस लिंक का इस्तेमाल करके आपकी साइट पर आता है तो आपको बैकलिंक का ज्यादा फ़ायदा मिलता है। 

यह भी पढ़ें: Quora Kya Hai, SEO Tips In Hindi

निष्कर्ष – SEO करें

तो इस पोस्ट में मैंने आपको पूरी तरह से बता किया है कि SEO क्या है और SEO कैसे किया जाता है? 

तो आप यदि इन सारी चीजों को बारीकी से फॉलो करते हैं तो आप आसानी से किसी भी कीवर्ड पर रैंक कर जायेंगे। आप जब भी SEO करें तो आप इन चीजों को ध्यान में रखें।

आप सबसे पहले उस कीवर्ड पर रैंक कर रहे ब्लॉग को देखें और अपनी ब्लॉग पोस्ट का SEO करते वक्त उस ब्लॉग से अच्छा SEO करें।

मतलब कि बात यह है कि आप SEO करने से रैंक नहीं होंगे आप पहले से रैंक कर रहे ब्लॉग से अच्छा SEO करने से रैंक होंगे।

आप एक दम से SEO नहीं सीख जायेंगे।

आप जब ब्लॉग पोस्ट लिखेंगे और SEO करने की कोशिश करेंगे तो आप धीरे धीरे SEO की बारीकी को समझेंगे और एक वक्त आप SEO अच्छी तरह से सीख जायेंगे।

यदि आपके मन में अभी भी कोई सवाल है तो आप मुझसे कमेंट में जरूर पूंछें मैं आपके सवाल कर जवाब जरूर दूंगा।    

9 thoughts on “(2021) SEO क्या है और SEO कैसे करें?”

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