होम » SEO » (1st गूगल में) SEO फ्रेंडली आर्टिकल कैसे लिखें?

(1st गूगल में) SEO फ्रेंडली आर्टिकल कैसे लिखें?

क्या आप जानना चाहते हैं की SEO Friendly Article Kaise Likhe और कैसे उसे सर्च इंजन में रैंक कराये। तो इसके लिए आप इस पोस्ट पूरा पढ़ें।

किसी भी blog के seo के लिए उसका content बहुत महत्वूर्ण होता है। क्वालिटी content के बिना blog post का रैंक होना बहुत मुश्किल है।

यदि blog पर SEO अच्छी तरह से किया जाय लेकिन article को SEO को ध्यान में रखकर सही से न लिखा जाए तो वह article कभी search engine में रैंक नहीं होगा।

SEO Friendly Article उस article को कहेंगे जो की बहुत ही अच्छी तरह लिखा गया हो और जो search engine के रैंकिंग फैक्टर्स को ध्यान में रखकर लिखा गया हो।

SEO Friendly Article क्या होता है?

SEO Friendly Article का मतलब होता है SEO को ध्यान में रखते हुए आर्टिकल को लिखना जिससे की यूजर को उसके द्वारा सर्च किये गए सवाल का सबसे अच्छा उत्तर मिले।

SEO Friendly Article लिखने का मतलब SEO writing भी कहलाता है।

इसमें search engine के ranking factors को ध्यान में रकते हुए यूजर के अनुभव को अच्छा बनाने के लिए आर्टिकल लिखा जाता है।

SEO Friendly Article Kaise Likhe?

SEO Friendly Article कैसे लिखे

SEO Friendly Article लिखने के लिए आपको कई चीजों को ध्यान में रखना पड़ता है।

जो की यह यह हैं।

#1. कीवर्ड रिसर्च करें

कीवर्ड रिसर्च किसी भी SEO friendly article को लिखने के लिए आधार होता है। कीवर्ड रिसर्च SEO का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कीवर्ड रिसर्च का मतलब है सर्च इंजन में सर्च किये जाने वाले सवाल से जुड़े जरूरी डाटा का अध्यन करना।

Ubersuggest keyword research screenshot

यदि आप कीवर्ड रिसर्च के बारे में नहीं जानते हैं तो आप यह पढ़ सकते हैं: कीवर्ड रिसर्च क्या है?

कीवर्ड रिसर्च करके आप अच्छे कीवर्ड्स को ढूंढ पाएंगे।

यदि आपको पता होगा की आप किस कीवर्ड के लिए रैंक करना चाह रहे हैं तो आप कीवर्ड टार्गेटेड आर्टिकल लिख पाएंगे।

#2. सर्च इंटेंट को ध्यान में रखें

सर्च इंटेंट का मतलब होता सवाल को सर्च करने के पीछे उपयोगकर्ता का क्या मकशद है।

जैसे यदि कोई सर्च इंजन में ‘photoshop alternatives’ सर्च करता है तो सर्च करने वाला photoshop के विकल्प चाह रहा है।

यदि आप सोचें की ‘photoshop review’ कीवर्ड पर लिखी गयी पोस्ट ‘photoshop alternative’ पर आपकी पोस्ट रैंक हो जाये तो यह नहीं होगा।

सर्च इंटेंट को जानकर आप अपने article में वो चीज लिखेंगे जो की उपयोगकर्ता जानना चाहता है।

सर्च इंटेंट को कैसे जाने?

सर्च इंटेंट को जानने के लिए आपको keyword को सर्च करना है और देखना है की कीवर्ड पर रैंक हो रहे आर्टिकल किस तरह के हैं।

Photoshop Alternative Google Search

ऊपर किये गए गूगल सर्च में ‘photoshop alternative’ के लिए रैंक होने वाले आर्टिकल लिस्ट फॉर्मेट में हैं जो photoshop के विकल्पों की जानकारी दे रहे हैं।

#3. कीवर्ड को पोस्ट में इस्तेमाल करें

सर्च इंजन आपके आर्टिकल को रैंक करे इसके लिए जरूरी है की सर्च इंजन समझे की आपने किस सवाल का जवाब अपने आर्टिकल में दिया है।

इसके लिए सर्च इंजन इस्तेमाल करता है keywords का।

सर्च इंजन का क्रॉलर आपकी पोस्ट में कीवर्ड्स को ढूंढता और समझता है की आर्टिकल को किस कीवर्ड के लिए रैंक कराना है।

सर्च इंजन क्रॉलर आपके पूरे आर्टिकल में कीवर्ड्स को ढूंढता है। लेकिन एक seo friendly article लिखने के लिए कीवर्ड का इन जगहों पर होना बहुत जरूरी है।

कीवर्ड को पोस्ट में यहाँ इस्तेमाल करें

ध्यान रखें की कीवर्ड को आर्टिकल में उपयोग करने से मेरा मतलब कीवर्ड घनत्व से नहीं। गूगल और कई सर्च इंजन कीवर्ड घनत्व को कोई वैल्यू नहीं देते हैं।

#4. टाइटल को ऑप्टिमाइज़ करें

टाइटल सर्च इंजन में रिजल्ट के रूप में दिखता है साथ ही साथ है डिफ़ॉल्ट रूप से H1 भी होता है।

टाइटल टैग बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। एक अच्छा टाइटल टैग लिखने के कई फायदे होते हैं जैसे की सीधे SEO में फायदा होता है और CTR बढ़ता है।

एक अच्छा टाइटल लिखने के लिए आपको यह काम करने होंगे।

  • टाइटल ज्यादा से ज्यादा 60 अक्षर का होना चाहिए उससे ज्यादा होने पर वह सर्च इंजन में आधा अधूरा दिखेगा।
  • टाइटल में कीवर्ड को इस्तेमाल करें।
  • टाइटल में ऐंसे शब्दों का इस्तेमाल करें जो उपयोगकर्ता को आकर्षित करें जैसे best, top, latest, year और अन्य।

#5. मेटा डिस्क्रिप्शन को ऑप्टिमाइज़ करें

मेटा डिस्क्रिप्शन भी टाइटल को तरह बहुत जरूरी होती है और भी सर्च इंजन में रिजल्ट के साथ दिखती है।

यह आपके आर्टिकल का परिचय होती है। यह CTR बढ़ाने बहुत उपयोगी होती है।

एक अच्छी डिक्रिप्शन को लिखने के लिए इन चीजों का ध्यान रखना होगा।

  • मेटा डिस्क्रिप्शन को ज्यादा से ज्यादा 160 अक्षर का लिखें। इससे ज्यादा लिखने पर बांकी के अक्षर सर्च इंजन में नहीं दिखेंगे।
  • मेटा डिस्क्रिप्शन में मुख्य कीवर्ड को जरूर इस्तेमाल करें।
  • मेटा डिस्क्रिप्शन में आकर्षित करने वाले शब्दों का इस्तेमाल करें।

#6. Permalink को ऑप्टिमाइज़ करें

पर्मालिंक वेब पेज का पता होती है जिसके उपयोग से कोई भी वेब पेज पर आ जा सकता है।

पर्मालिंक में लोग बहुत सी गलतियां करते हैं जो की SEO में बहुत ही नुकसान की वजह हो सकती हैं।

एक अच्छी पर्मालिंक लिखने के लिए आपको यह काम करने होंगे।

  • पर्मालिंक को 75 अक्षर से ज्यादा न लिखें।
  • पर्मालिंक में केवल मुख्य कीवर्ड को इस्तेमाल करें।
  • पर्मालिंक में date और अन्य चीजें इस्तेमाल न करें जो की बाद में बदलनी पड़ें।
  • पर्मालिंक structure को सिंपल रखें।

कई वेबसाइट जो बहुत बड़ी होती है वह वेबसाइट को अच्छा structure देने के लिए पर्मालिंक में subdirectory, category, date, author का इस्तेमाल करती है।

लेकिन यदि आपको पर्मालिंक की ज्यादा जानकारी नहीं है तो आप इन सब का इस्तेमाल न करे और सिंपल पोस्ट नाम पर्मालिंक स्ट्रक्चर का इस्तेमाल करें।

#7. लंबा नहीं डीप आर्टिकल लिखें

डीप आर्टिकल से मतलब कंटेंट की लम्बाई से नहीं है।

लोग बहुत ही लम्बा कंटेंट लिखते है और सोचते हैं की वह आर्टिकल रैंक हो जायेगा लेकिन ऐंसा नहीं है।

लम्बा आर्टिकल कई बार बहुत अच्छा होता है लेकिन हमेशा नहीं।

कितने शब्दों का आर्टिकल लिखना है यह इस बात पर निर्भर करता की आप आर्टिकल किस विषय पर किस सवाल के लिए लिख रहे हैं।

यदि किसी आर्टिकल को 1000 शब्दों में लिखा जा सकता है तो बिना वजह के उसे 3000 शब्दों तक खींचने की कोई जरूरत नहीं है।

लम्बा आर्टिकल लिखने की जगह आप इस बात पर फोकस करें की आप deep आर्टिकल लिखे जो की सर्च करने वाले का सर्च इंटेंट पूरा कर सके।

#8. कीवर्ड कॉम्बिनेशन इस्तेमाल करें

आर्टिकल में कई जगह कीवर्ड का इस्तेमाल होता है जैसे की टाइटल, डिस्क्रिप्शन, पर्मालिंक, हैडिंग, पहले पैराग्राफ में।

लोग एक ही कीवर्ड को बार बार हर जगह लिख देते हैं बिना कोई बदलाव किये।

गूगल और कई सर्च इंजन कीवर्ड के कॉम्बिनेशन को समझते हैं। गूगल समान मतलब वाले सभी शब्दों को एक ही तरह से देखता है।

यदि आप अपने कीवर्ड में किसी शब्द के किये पर्यायवाची शब्द का इस्तेमाल करेंगे तो इससे कोई दिक्कत नहीं है।

यदि आपके कीवर्ड में ‘AC’ आता है तो आप बिना किसी दिक्कत के ‘air conditioner’ शब्द को अपनी पोस्ट में इस्तेमाल कर सकते हैं।

और यदि आप जानना चाहते हैं की गूगल (सर्च इंजन) आपके कीवर्ड के लिए पर्यायवाची शब्दों को समझता है या नहीं इसके लिए आप कीवर्ड को गूगल में सर्च करें।

उदाहरण के लिए यदि आप गूगल में कीवर्ड के लिए पर्यायवाची शब्दों वाले रिजल्ट आ रहे हैं तो शब्दों के कॉम्बिनेशन को इस्तेमाल कर सकते हैं।

#9. इमेज और वीडियो का इस्तेमाल करें

आर्टिकल में इमेज और वीडियो का इस्तेमाल करके आप आर्टिकल को और भी अच्छा बना सकते हैं।

उपयोगकर्ता को इमेज और वीडियो वाला आर्टिकल सामान्य text वाले आर्टिकल से ज्यादा पसंद आता है।

साथ ही साथ उपयोगकर्ता को आर्टिकल में बताई गयी चीज इमेज और वीडियो की सहायता से समझने में आसानी होती है।

कुल मिला कर इमेज और वीडियो के इस्तेमाल से उपयोगकर्ता का अनुभव अच्छा रहता है। और जिससे seo में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होता है।

बोनस टिप: वीडियो को कभी भी वेबसाइट पर अपलोड न करें। वीडियो को यूट्यूब पर अपलोड करने के बाद आप उसे आर्टिकल में embed फीचर का उपयोग करके इस्तेमाल करें।

इससे आप यूट्यूब से पैसे कमा पाएंगे।

#10. आर्टिकल को structure में लिखें

आर्टिकल स्ट्रक्चर बहुत ही जरूरी होता है।

Article को structure देने के लिए हैडिंग और सब-हैडिंग का इस्तेमाल किया जाता है।

H1, H2, H3, H4, H5 और H6 यह हैडिंग टैग्स हैं। इनका उपयोग करके आर्टिकल को एक structure में लिखा जा सकता है।

H1 को केवल एक बार ही इस्तेमाल किया जा सकता है। WordPress और Blogger में डिफ़ॉल्ट रूप से title को H1 के रूप में दिखाया जाता है।

आप H2 से लेकर H6 हैडिंग का इस्तेमाल करके अपने आर्टिकल को एक अच्छा स्ट्रक्चर दे सकते हैं।

#11. व्याकरण संबंधी गलतियां न करें

व्याकरण संबंधी गलतियां करने से आर्टिकल के कंटेंट की क्वालिटी खराब होती है और यह SEO पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।

व्याकरण संबंधी गलतियो से बचने के लिए आप grammarly का इस्तेमाल कर सकते हैं। Grammarly आपको browser extension, microsoft office word plugin, web app के रूप में उपलब्ध है और इसका फ्री वर्जन काफी है।

इसके अलावा आप खुद भी अपने आर्टिकल को पढ़ें और व्याकरण संबंधी गलतीयों को ढूंढ कर ठीक करें।

#12. इमेज को ऑप्टिमाइज़ करें

Image SEO Kaise Kare

यदि आप अपने आर्टिकल को और भी अच्छा बनाने के लिए इमेज का इस्तेमाल करते हैं तो इससे आपको फायदा होगा।

लेकिन यदि आप इमेज को ऑप्टिमाइज़ करना भूल जाते हैं तो इससे पुरे वेब पेज की परफॉरमेंस खराब हो सकती है और इससे SEO में नुकसान हो सकता है।

Image को SEO के लिए ऑप्टिमाइज़ करने के लिए आपको यह काम करने होंगे।

  • इमेज का aspect ratio (लम्बाई और चौड़ाई) को कम रखें।
  • इमेज के फाइल साइज को कम करने के लिए इमेज को compress करें।
  • इमेज का फाइल नाम को इमेज के हिसाब से लिखें।
  • इमेज में alt text लिखें जो इमेज से सम्बंधित हो।

#13. आर्टिकल में छोटे पैराग्राफ लिखें?

बड़े पैराग्राफ को पढ़ना बहुत ही उबाऊ काम है और इससे आर्टिकल को समझना बहुत ही मुश्किल हो जाता है।

इसके लिए आप छोटे पैराग्राफ लिखें ज्यादा से ज्यादा दो लाइन के।

छोटे पैराग्राफ लिखने से यूजर को पढ़ने में आसानी होगी, आर्टिकल मुश्किल नहीं लगेगा, और यदि वह पढ़ते समय रुकता है तो उसे यह ढूंढने में आसानी होगी की वह कहाँ था।

#14. इंटरनल लिंक्स जोड़ें

इंटरनल लिंक्स बहुत ही उपयोगी होती है। अकसर लोग बैकलिंक पर तो ध्यान देते हैं लेकिन वह इंटरनल लिंकिंग पर ध्यान नहीं देते हैं जिससे बैकलिंक का पूरा फायदा उन्हें नहीं मिलता है।

इंटरनल लिंक्स वेबसाइट के बाउंस रेट को कम करती हैं, बैकलिंक से मिले फायदे को दूसरे पेजो को भी देती है, और आर्टिकल को और उपयोगी बनाती हैं।

हम अपने आर्टिकल में हर चीज नहीं बता सकते हैं इससे आर्टिकल ज्यादा लम्बा हो जायेगा।

इसकी जगह हम अन्य आर्टिकल जो की वेबसाइट पर पहले से ही मौजूद उनको आर्टिकल में लिंक कर देंगे।

जैसे आप एक आर्टिकल लिख रहे हैं photoshop alternative का और आपके article में windows का जिक्र आता है तो यदि आपकी वेबसाइट पर windows का आर्टिकल पहले से है तो आप windows शब्द में उस आर्टिकल की लिंक दे सकते हैं।

इंटरनल लिंकिंग ध्यान से करें। जहाँ जरूरत हो वह इंटरनल लिंकिंग जरूर करें।

#15. एक्सटर्नल लिंक दें

एक्सटर्नल लिंक्स भी बहुत फायदेमंद होती हैं। एक्सटर्नल लिंक resource की तरह काम करती है।

यदि आपको अपने आर्टिकल में कोई चीज एक्सप्लेन करनी है और इंटरनल लिंक के लिए आपके पास कोई भी पोस्ट नहीं तो आप किसी और के द्वारा लिखी गयी पोस्ट की लिंक को अपने आर्टिकल में दे सकते हैं।

इस बात से फर्क नहीं पड़ता है की लिंक dofollow है या nofollow.

#16. ब्रोकन लिंक को फिक्स करें

हर आर्टिकल में इंटरनल और एक्सटर्नल वेब पेज लिंक होते हैं।

यदि किसी भी वेब पेज का यूआरएल बदल जाता है या वेब पेज डिलीट हो जाता है वह आपके पेज में ब्रोकन लिंक एरर आ जायेंगे।

इन एरर को आपको जल्दी से जल्दी फिक्स करना होगा।

अपनी वेबसाइट पर ब्रोकन लिंक को ढूंढने के लिए आप wordpress plugin या online tool का इस्तेमाल कर सकते हैं।

#17. आर्टिकल को अपडेट करें

आप कितना भी परफेक्ट आर्टिकल लिखें कुछ समय बाद वह पुराना हो जायेगा। इसके लिए जरूरी है की आप आर्टिकल को अपडेट करें।

आप इमेज को अपडेट करें, वीडियो को अपडेट करें, text को अपडेट करें।

यदि आपका आर्टिकल गूगल में रैंक नहीं कर रहा है और उसकी रैंक नहीं बढ़ रही है तो आर्टिकल को अपडेट करने से फायदा हो सकता है।

3 thoughts on “(1st गूगल में) SEO फ्रेंडली आर्टिकल कैसे लिखें?”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top
Copy link
Powered by Social Snap